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Wimbledon Tennis- “लिएंडर पेस ने ग्रास कोर्ट में भी रचा इतिहास”

Posted On: 6 Jul, 2010 Sports में

खेल संसारकौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

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1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने काँस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था. आज उस बात को 14 वर्ष हो गए हैं परन्तु उसके बाद विश्व टेनिस जगत में लिएंडर पेस की ख्याति बढ़ती ही गयी. आज भारत का यह गौरव किसी परिचय का मोहताज नहीं है. एक-एक कर लिएंडर पेस कभी महेश भूपति के साथ तो कभी मार्टिना नवरातिलोवा के साथ युगल और मिश्रित युगल में 11 ग्रांडस्लैम ख़िताब जीते.

TENNIS-GBR-WIMBLEDON4 जुलाई को जब लिएंडर पेस विंबल्डन मिश्रित युगल के फाइनल में अपनी जोड़ीदार जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ मैदान में उतरे तो यह उनका 23वां ग्रांडस्लैम फाइनल था. ग्रांडस्लैम खिताबों का एक दर्जन पूरा करने के लिए उनका सामना दक्षिण अफ्रीका के वेस्ले मूडी और अमेरिका की लिसा रेमंड से था. जब मैच खत्म हुआ तो लिएंडर पेस ने सुनहरे अक्षरों से इतिहास रच दिया था वह भारत के और विश्व के तीसरे खिलाड़ी बन गए थे जिन्होंने तीन अलग-अलग दशक में विंबल्डन के ख़िताब जीते. लिएंडर पेस और कारा ब्लैक की जोड़ी ने दक्षिण अफ्रीका के वेस्ले मूडी और अमेरिका की लिसा रेमंड को 6-4, 7-6 से हराकर 12वां ग्रांडस्लैम खिताब जीता. यह उनका इस वर्ष का दूसरा ग्रांडस्लैम जबकि इससे पहले वह इस वर्ष ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुके हैं.

Britain Wimbledon Tennisलिएंडर पेस के मुताबिक विंबल्डन मिश्रित युगल में मिली जीत उनके लिए ‘हैरतंगेज’ और खास है. जीत का श्रेय उन्होंने अपनी जोड़ीदार कारा ब्लैक को देते हुए कहा कि मैच का टर्निंग प्वाइंट दूसरे सेट का टाई ब्रेकर था जब हमने 2-5 से पीछे होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और 7-5 से मैच अपने नाम कर खिताब जीता.

पद्मश्री और राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित लिएंडर पेस ने हमेशा भारत का सर गर्व से ऊंचा करवाया है. अतः लिएंडर पेस की इस उपलब्धि पर पूरे भारतवर्ष की तरफ़ से बहुत-बहुत बधाइयाँ.

TENNIS-GBR-WIMBLEDONनाकामयाब रहे थामस बर्डीच नडाल को रोकने में

स्पेन के स्टार खिलाड़ी राफेल नडाल लगता है अब अपने पूरे सबाब में आ गए हैं पहले फ्रेंच ओपन का खिताब और अब विंबल्डन का खिताब. वर्ष 2008 के बाद एक बार फिर से विंबल्डन खिताब जीतकर ग्रास कोर्ट पर भी अपनी बादशाहत साबित कर दी. हालांकि अपना दूसरा विंबल्डन खिताब जीतने को अग्रसर नडाल के सामने ग्रास कोर्ट के शहंशाह रोजर फेडरर नहीं थे बल्कि पहली बार ग्रांडस्लैम फाइनल में पहुंचे थामस बर्डीच थे, जो इस स्पेनिश तूफान के आगे नहीं टिक सके. नडाल ने सीधे सेटों में बर्डीच को 6-3, 7-5, 6-4 से शिकस्त दे दी. नडाल का यह दूसरा विंबल्डन खिताब है.

नडाल शुरू से ही अपने रंग में दिख रहे थे और उन्होंने पूरे मैच में एक भी सेट नहीं गंवाया. हालांकि अन फोर्स्ड ऐरर के मामले में थामस बर्डीच ने नडाल से कम गलतियां की और उन्होंने नडाल के मुकाबले छः अधिक एसेस भी लगाये परन्तु वह नडाल के ज़लज़ले को रोकने में नाकामयाब रहे. विंबल्डन का खिताब जीतने के बाद नडाल अब भी नंबर वन पर कायम हैं परन्तु दूसरे नंबर पर नोवाक जोकोविच आ गए हैं. खराब दौर से गुजर रहे रोजर फेडरर 2003 के बाद पहली बार एटीपी रैंकिंग में तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं.

TENNIS-GBR-WIMBLEDONसेरेना का दबदबा बरकरार

फाइनल तक के सफर में वेरा ने तीन वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों को टूर्नामेंट से बाहर किया था. पिछले दौरों में जेलेना यांकोविच और किम क्लिस्टर्स को बाहर का रास्ता दिखाने वाली वेरा ज्वोनारेवा का मुकाबला महिला विश्व नंबर एक खिलाड़ी अमेरिका की सेरेना विलियम्स से हुआ. लेकिन शीर्ष वरीयता प्राप्त सेरेना विलियम्स ने फाइनल मुकाबले में कोई भी उलटफेर नहीं होने दी और अपनी बादशाहत साबित करते हुए विंबल्डन के महिला एकल के फाइनल में 12वीं नंबर की रूस की वेरा ज्वोनारेवा को सीधे सेटों में हराते हुए यहां पर चौथा और कुल 13 एकल ग्रांडस्लैम खिताब पर कब्जा जमा लिया.

अमेरिकी ब्लैक ब्यूटी के नाम से मशहूर सेरेना विलियम्स ने मात्र 76 मिनट तक चले मुकाबले में रूसी प्रतिद्वंद्वी को 6-3, 6-2 से हरा दिया. इससे पूर्व उन्होंने यहां पर 2002, 2003 और 2009 में एकल खिताब जीता था. यह पहली बार था कि विंबल्डन के फाइनल में उन्होंने अपनी बहन वीनस के अलावा किसी अन्य खिलाड़ी को हराया है.

वर्ष के तीसरे ग्रांडस्लैम विंबल्डन में भले ही पिछले दौर में उलटफेर हुए थे परन्तु पुरुष और महिला एटीपी रैंकिंग में शीर्ष पर विद्यमान स्पेन के राफेल नडाल और अमेरिका की सेरेना विलियम्स ने अपनी शीर्ष वरीयता को कायम रकते हुए अपनी बादशाहत ग्रास कोर्ट में भी कायम रखी.

This blog is about the Wimbledon Final matches played on 3rd and 4th of July 2010. Leander Paes the 37 old horse warrior of Indian Tennis creates history by becoming the first Indian and the third person in the world to won Wimbledon Grand Slam tennis tournament in three decades by clinching the Mixed Doubles title with his Zimbabwe partner Cara Black. In the Men’s Final Rafael Nadal of Spain defeated Thomas Berdych to increase his tally of Grand Slam to 8. Serena Williams won her 4th women’s single Wimbledon Final.

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