Menu
blogid : 4238 postid : 127

मूड (लघु कथा)

सुमित के तड़के - SUMIT KE TADKE
सुमित के तड़के - SUMIT KE TADKE
  • 196 Posts
  • 153 Comments

वर्मा जी की तीसरी कविता की पुस्तक का विमोचन था. इस उपलक्ष में उन्होंने एक शानदार भोज रखा था. पुस्तक विमोचन कार्यक्रम समापन के पश्चात सभी अतिथिगण भोजन का आनंद ले रहे थे. पार्टी में कुछ लोग वर्मा जी को घेरे हुए खड़े थे तथा उनकी पुस्तक पर चर्चा कर रहे थे. अभिनव,  जो की व्यवसायिक रूप से पत्रकार था तथा वर्मा जी के लेखन का प्रशंसक भी, ने वर्मा जी पूछा, “वर्मा जी आप भूख और  गरीबी पर इतनी मार्मिक कवितायें कैसे लिख लेते हैं जबकि आपका शायद इन दोनों समस्यायों से कभी वास्ता ही नहीं पड़ा होगा.” वर्मा जी मंद-मंद मुस्काये व अभिनव से बोले, ” देखो अभिनव कविता मस्तिष्क से नहीं मन से उत्पन्न होती है.” इससे पहले कि वह अपनी बात को पूरा कर पाते  वह  उस पार्टी में एक फटेहाल व्यक्ति को देखकर चुप हो गए. उन्होंने उस व्यक्ति को अपने पास बुलाया और क्रोधित हो उससे पूछा, ” क्यों बे तू इस पार्टी में क्या करने आया है?” वह व्यक्ति घबराते हुए बोला, “साब दो दिन से भूखा हूँ. आज भूख से दम निकलने लगा तो आपकी पार्टी में कुछ खाने आ गया.  बाहर लोगों ने बताया था कि आप हम जैसे गरीबों पर ही कवितायें लिखते हैं तभी इस पार्टी में आने का साहस कर पाया.” वर्मा जी ने गुस्से से दांत पीसते हुए चौकीदार को बुलाया और उस पर चीखे, “क्यों बे साले वहां गेट पर क्या झक मार रहा है जो ऐसे कंगले लोग पार्टी में घुस कर ऐश कर रहे हैं.” चौकीदार शर्मिंदा होकर बोला, ” जनाब गलती माफ़ करें. मैं तो ज़रा पेशाब करने चला गया था उसी बीच यह हरामजादा भीतर घुस आया होगा मैं अभी इसकी अक्ल ठिकाने लगाता हूँ.” इतना कहकर चौकीदार उस बेचारे गरीब व्यक्ति को अपने डंडे से बुरी तरह पीटते हुए वहाँ से बाहर ले गया. वर्मा जी गंभीरावस्था में अभिनव की ओर मुड़े और बोले, ” हाँ अभिनव तुम क्या पूछ रहे थे कि भूख  और गरीबी पर मार्मिक कवितायें कैसे लिखता हूँ.” कुछ पल रूककर वह फिर बोले, ” अरे यार उस फटीचर ने सारा मूड खराब कर दिया. चलो ऐसा करते हैं तुम किसी दिन फुर्सत में मेरे घर आओ. फिर भुने मुर्गे और व्हिस्की के पैग संग मूड बनाकर तुम्हें बताऊंगा कि मार्मिक रचनाओं का निर्माण कैसे किया जाता हैं?”

Tags:         

Read Comments

    Post a comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    CAPTCHA
    Refresh