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स्त्री के गुप्तांग में सिगरेट बुझाना : ऐश ट्रे के रूप में...

Posted On: 5 Jun, 2017 Others में

sach ka aainaअपने किरदार को जब भी जिया मैंने, तो जहर तोहमतों का पिया मैंने, और भी तार-तार हो गया वजूद मेरा, जब भी चाक गिरेबां सिया मैंने...

sunita dohare Management Editor

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स्त्री के गुप्तांग में सिगरेट बुझाना : ऐश ट्रे के रूप में….
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amazon.in अपने प्रॉडक्ट को लेकर एकबार फिर से चर्चा में है। इसबार लोगों की नाराज़गी की वजह है amazon.in पर सिगरेट बुझाने के लिए बिक रही है ये ऐश ट्रे । ऐश ट्रे को एक महिला की शक्ल दी गई है। ऐश ट्रे में सिगरेट को बुझाने का स्पॉट महिला की योनी को बनाया गया है ।
देखा जाये तो 21वीं सदी के स्वतंत्र नागरिक हैं हम महिलाएं l लेकिन समाज के कतिपय ठेकेदार इस सोच पर ताला जड़ा रहना देना चाहते है लेकिन अब समय आ गया है जब पुरुषों की इस घटिया मानसिकता पर लगाम लगाई जाए l स्त्री के गुप्तांग में सिगरेट बुझाना यानि पुरूष की सोच कहाँ तक जा चुकी है l इसी तरह की सोच के चलते, ये सिर्फ ऐश ट्रे नहीं बल्कि स्त्री की अस्मिता को बाजारू वस्तु बना रहे हैं ऐश ट्रे के रूप में। दरअसल मुद्दा तो वो बलात्कारी सोच का है जो औरत के जिस्म का बलात्कार करके उसे ऐशट्रे बना देती है l अगर इस पर लगाम ना लगाईं गयी तो कल यही कम्पनी या कोई और कम्पनी फिर इसी तरह स्त्री शरीर का बलात्कार करके उसका बाजार बनायेगी l यही सब देखकर किशोर या प्रौढ़ अपनी मानमर्यादा व आचारविचार छोड़ कर दुष्कर्म जैसा कुकृत्य कर बैठता है इस का मुख्य कारण केवल कामवासना है या महिलाओं के खिलाफ आक्रोश की अभिव्यक्ति है ?ihl newsइस सबसे तो यही जाहिर हो रहा है कि ये कम्पनी किसी बलात्कारी से कम नहीं । रचनात्मकता का आधुनिकरण इस चरम पर पहुँच गया है कि अब एक सिगरेट बुझाने वाले ऐश ट्रे के डिजाइन को स्त्री के गुप्तांग के रूप में बनाना पड़ गया।
अगर आप इस सोच के पीछे जाएं तो महिलाओं को उपभोग की वस्तु समझे जाने का जीवंत  उदाहरण इस ऐश ट्रे के शक्ल में आपके सामने होगा। महिला की योनी में जलती सिगरेट बुझाने को आमंत्रण देना हमारे समाज की कुंठा और महिलाओं के प्रति हमारे रवैय्ये को समझने के लिए काफी है। क्यों इनकी सारी रचनात्मकता स्त्री देह के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है देखा जाये तो कुछ पुरुषों का योनि से सम्बन्धित गालियाँ देना भी स्वतः सिद्ध करता है कि ये योनि से बाहर निकलकर भी ताउम्र योनि से बाहर नहीं निकलते l अगर गौर करें तो योनी में सिगरेट बुझाने की मानसिकता, महिला योनी में पत्थर, कंकर, रॉड डालने वाली बलात्कारी मानसिकता जैसी ही है l  क्या ये प्रॉडक्ट इस बात पर मुहर नहीं लगाता कि हम एक बलात्कारी समाज में जीते हैं?
आधुनिकता और कंज्यूमर सैडिसफैक्सन की कसमें खाने वाले एक ब्रांड की इस हरकत के पीछे क्या सोच हो सकती है इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है। महिलाओं को तो संपूर्ण विश्व में केवल भोग की वस्तु माना जाता है तो ये जो ‘वस्तु’ वाली भावना हैं उसी का नतीजा ये ‘क्रिएटिव प्रोडक्ट’ हैं जहाँ कामुक इंसान अपनी कुत्सित मनोभावनाओं की राख झाड़ सकता हैं l  देखा जाये तो अब भारतीय महिलाओं में जागृति आ रही है और वे इस तरह के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा रही हैं इसलिए कुछ परंपरागत मर्द इसे पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे इन साहसी महिलाओं को सबक सिखाने के लिए बर्बर और घटिया तरीके अपना रहे हैं l कुछ तथाकथित पुरुषों की नजर में स्त्री हमेशा से हर दृष्टि से भोग्या रही है और इसीलिए हम पेंटिंग के नाम पर औरतों की नंगी तस्वीरों में भी कला ढूंढ कर विचार विमर्श कर लेते हैं l कुछ तथाकथित पुरुषों की सोच कितनी पतित हो चुकी है, ये बात बेहद विचारणीय है l भारत की निर्वाचित सरकारें केवल आर्थिक बदलाव लाना चाहती हैं स्वतंत्रता के बाद हमारे देश में विदेशी पूंजी के साथ ही वहां की विकृत संस्कृति भी आ धमकी है, जिसके चलते कुछ तथाकथित पुरुषों की दमित इच्छाएं किसी न किसी कृत्य के रूप में सामने आ जातीं हैं इस तरह के पुरुष अपने परंपरागत नैतिक मूल्यों व समृद्ध संस्कृति को ले कर बहुत ही आत्ममुग्ध हैं, जबकि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं अब केवल सांस्कृतिक समारोहों और साहित्य तक ही सीमित रह गई हैं l
ये कम्पनियाँ मुनाफा कमाने के चक्कर में किस तरह बेशर्म और घटिया हो गयी है कि इस हद तक औरत के जिस्म का बलात्कार करने में न उन्हें कोई शर्म है और न ही कोई अफसोस l किसी न किसी बहाने औरत को नंगा कर उसे बेइज्जत करना उसका शोषण करना एक शौक बन गया है । देखा जाये तो हमारे देश का प्रिंट मीडिया हो या इलैक्ट्रौनिक मीडिया, सभी जगह उत्तेजक दृश्य व अन्य सामग्री की कोई कमी नहीं है l विज्ञापन चाहे किसी भी वस्तु का हो, लेकिन उस में नारी की कामुक अदाएं व उस के अधिक से अधिक शरीर को दिखाने पर जोर रहता है l लेकिन, क्या हम उस सोच के पीछे के तर्क और नासमझी को बदल पाएंगे जो महिला को हर रूप में विलासिता और अपनी सेक्शुअल कुंठाए बाहर निकालने का ज़रिया मात्र समझता है?
क्या स्त्री केवल भोग संभोग की वस्तु है?  क्या स्त्री केवल एक सेक्स का प्रतिरूप है ? कहाँ हैं वे लोग जो स्त्री के मान सम्मान उसकी सुरक्षा पर बड़ी बड़ी बातें करते हैं ये सब देखते हुए भी सभी के मुंह पर ताला लगा हुआ है l ये बेहद अमानवीय, घृणित और निंदनीय कार्य है l मनुष्य के पशु होने से भी बदतर है इसलिए इसके खिलाफ अवश्य कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए l
भारत सरकार को चाहिए कि इस घटिया http://amazon.in/Tripolar-Creative-Ashtray-Tabletop-Decoration/dp/B01C3YVFDQ प्रोडक्ट को मद्देनजर रखते हुए कम्पनी की इस वाहियात हरकत पर एक्शन लें और तुरन्त amazon.in के इस प्रोडक्ट को बंद करवाएं । और इतना ही नहीं इस पर एक केस दर्ज होना चाहिये जिससे भविष्य में फिर कभी ये ऐसी हरकतें न करें ।
सुनीता दोहरे
प्रबंध सम्पादक
इण्डियन हेल्पलाइन न्यूज़










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