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... ताकि भारत में भ्रष्टाचार दोबारा जन्म न लें

Posted On: 22 Aug, 2011 Others में

ताहिर की कलम सेमन की बात

Tahir Khan

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… ताकि भ्रष्टाचार भारत में दोबारा जन्म न लें
देश को अन्दर ही अन्दर भ्रष्टाचार रूपी रावण घुन कि तरह खाए जा रहा है. और अन्ना हजारे लोकपाल बिल कि मांग कर रहे हैं. तो उनकी मांग सरकार मानने को तैयार नही है. आज अन्ना और उनके समर्थकों को रामलीला मैदान में अनशन को एक सप्ताह हो चुका हें. लेकिन सरकार के कान पर अभी जूं नही रेंग पा रही हें. यहां पर प्रश्न ये उठता है कि आखिर सरकार लोकपाल बिल क्या पास नही कर रही है? और अब अनशन के सातवें दिन अन्ना का वजन 5 किलो कम हो चुका है.
रविवार सुबह के समय स्टेज पर कोई नहीं था, मैदान पर भी भीड़ ज्यादा नहीं थी। लेकिन इसके बाद लोगों का आना शुरू हो गया। इस दौरान चारों ओर नारेबाजी शुरू हो गई। बहुत सारे लोग ऐसे थे जिन्होंने रात यहीं टेंट में गुजारी थी उन्हें चाय और नाश्ता दिया जा रहा था। कई वॉलंटियर लोगों को अखबार बांटने में लगे थे। सुबह के समय लोग अन्ना हजारे से संबंधित तमाम खबरों को अखबार में पढ़ते नजर आए। लेकिन इसी दौरान अन्ना हजारे मंच पर आए। जैसे ही अन्ना मंच पर आए लोगों ने मंच की ओर रुख किया और एकाएक लोगों में ऊर्जा संचार संचार हो गया।
जन्माष्टमी मतलब अन्ना का बर्थडे!
लोग सिर्फ अन्ना के समर्थन में नारे ही नहीं लगा रहे हैं बल्कि जन लोकपाल बिल की बारीकी जानने के इच्छुक भी हैं। यहां बने इंफॉर्मेशन काउंटर पर बिल के बारे में बताया जा रहा है। लोग यहां आकर अपने कन्फ्यूजन दूर कर रहे हैं। कोई पूछ रहा है कि सरकार बिल क्यों नहीं पास कर रही है तो कोई यह जानना चाह रहा है कि सरकार के बिल और अन्ना के बिल में क्या अंतर हैं। सवाल पूछने वालों में ज्यादातर 50 साल से अधिक की उम्र के हैं। इसी बीच मंच से आवाज आती है कि अन्ना का नाम किशन भी है और कल जन्माष्टमी को ‘किशन’ भ्रष्टाचार का नाश करेंगे। लोगों का जोश फिर ऊफान पर पहुंच चुका था.
और अब अन्ना ने 30 अगस्त तक यदि कोई नतीजा नहीं निकला तो सबसे बड़ा आन्दोलन होगा. शायद ही सरकार कभी इसकी कल्पना कर पाए. या तो लोकपाल बिल लाओ या फिर सरकार गिराओ. सरकार अब चारो खाने चित हो चुकी है. और अन्ना के पास अपना दूत भेजने सुरु कर दियें हैं.जी हां,आद्यात्मिक नेता बैयूजी व नौकरशाह सारंगी ने अन्ना से मुलाकात कि है.
रामलीला मैदान में दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है, लेकिन वहीँ से अन्ना ने भी भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए अनशन शुरू कर रखा है. इस भ्रष्टाचार रूपी रावण को जड़ से उखड फैंकना होगा.ताकि यह दोबारा भारत में जन्म न ले सकें.

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