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क्या वाकई प्यार में उम्र मायने नहीं रखती ??

Posted On: 7 Jul, 2012 Others में

सरोकारशोषित मानवता के लिए नवज्योति और आत्मविश्वास का सृजन करता ब्लॉग

Tamanna

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बांग्लादेश की विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन का मानना है कि जब भी वह यह कहती हैं कि प्यार में उम्र कोई मायने नहीं रखती तो इसका अर्थ यह लिया जाता है कि वो 60 वर्ष के बुजुर्ग और 20 वर्षीय लड़की के बीच प्रेम प्रसंग की बात को जायज ठहरा रही हैं. जबकि उनके इस कथन को दूसरे आशय के साथ भी ग्रहण किया जा सकता है, जिसकी ओर कभी किसी का ध्यान नहीं जाता.


“प्यार में उम्र कोई मायने नहीं रखती” यह एक ऐसा जुमला है जिसे हम अकसर सुनते रहते हैं. लेकिन इसे जिस अर्थ और संदर्भ में ग्रहण किया जाता है वह बेहद हैरान करने वाला है. 60 वर्ष का बुजुर्ग अगर किसी 20 वर्ष की लड़की के प्रति यौनाकर्षण रखे या फिर कोई अधेड़ महिला अपने बेटे की आयु वाले पुरुष के साथ संबंध बनाने की ख्वाहिश रखती है तो वे इस जुमले का हवाला देकर दुनिया वालों के सामने अपने इस मनोविकार को जायज ठहरा देते हैं. इतना ही नहीं अगर कोई युवा अपने उम्र से कहीं अधिक बड़े व्यक्ति को चाहने लगे तो भी यह मानकर संतोष कर लिया जाता है कि प्रेम और उम्र का आपस में कोई संबंध नहीं होता. इस मसले से संबंधित ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं जिनके अनुसार यह देखा जा सकता है कि कितनी उदारता के साथ इस जुमले का गलत प्रयोग किया जाता है. इसे अपने नाजायज यौनाकर्षण और संबंधों को सही साबित करने के लिए इस कहावत को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है.


बड़ी सरलता और सहजता के साथ प्रेम की परिभाषा को परिवर्तित कर यह मान लिया जाता है कि प्रेम भावनाओं पर कभी कोई रोक नहीं लगाई जा सकती. प्यार किसी उम्र का मोहताज नहीं होता. हालांकि इसका सीधा अर्थ यह है कि हम उम्र के किसी भी मुकाम पर पहुंचने के बाद भी अपने साथी से उतना ही प्रेम और लगाव रख सकते हैं जितना हम संबंध के शुरुआती दौर में रखते थे. प्यार में उम्र का मायने ना रखना जैसी कहावत का सटीक और एकमात्र अर्थ बस इतना सा ही है कि अगर कोई बुजुर्ग दंपत्ति इस उम्र में भी अपने साथी के प्रति अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं या उन्हें अपने प्रेम का अहसास करवाते हैं तो हमें उनकी आपसी भावनाओं को सम्मान करना चाहिए. बूढ़ा होने, चेहरे पर झुर्रियां पड़ने और बाहरी सुंदरता खो जाने के बाद भी अगर वह एक-दूसरे से पहले जैसा ही प्यार करते हैं तो निश्चित ही उनका प्रेम सच्चा और आजीवन के लिए है. फिर ऐसे में उम्र तो मायने वैसे भी नहीं रखती.


दुनिया में व्यभिचारियों ने अपने नाजायज संबंधों को जायज ठहराने के लिए इसी तरह के अनेक गंभीर जुमलों व विचारों की तोड़-मरोड़ कर व्याख्या की है जिससे अनेक तरह के भ्रम फैले हैं. इस पर तुर्रा ये कि आज की नौजवान पीढ़ी इन सबको अपना आदर्श बना कर किसी भी सीमा को पार कर जाने पर उतारू है.


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