blogid : 14530 postid : 1387476

सड़कें यूं उदास तो न थीं...!!

Posted On: 7 May, 2020 Common Man Issues में

tarkeshkumarojhaJust another weblog

तारकेश कुमार ओझा

302 Posts

96 Comments

अपनों से मिलने की ऐसी तड़प, विकट प्यास तो न थी
शहर की सड़कें पहले कभी यूं उदास तो न थी
पीपल की छांव तो है अब भी मगर
बरगद की जटाएंं यूं निराश तो न थी
गलियों में होती थी समस्याओं की शिकायत
मनहूसियत की महफिल यूं बिंदास तो न थी
मुलाकातों में सुनते थे ताने – उलाहने
मगर जानलेवा खामोशियों की यह बिसात तो न थी .

 

-तारकेश कुमार ओझा,  पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में रहते हैं.

 

 

 

नोट : ये लेखक के निजी विचार हैं और इसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी हैं।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग