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"बाल गीत"

Posted On: 15 Sep, 2013 Others में

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Udai Shankar Srivastava

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जनम दिन जनम दिन ,

नाचो बच्चों ताक धिना धिन ।

वाह सजावट ! झालर ऐसे लटक रही है ,

जैसे बरसे पानी रुक-रुक रिम-झिम रिम-झिम ।

केक बर्थड़े पिंक कलर का ,

चमके उसपर चेरी टिम टिम ।

बड़ी हो गई बिटिया अब तो ,

पड़ी लगानी कैंडिल गिन-गिन ।

एक बार में फूँक मार कर ,

बुझा दिये सब कैंडिल झिल-मिल ।

‘गोलू’ ‘रीमा’ ‘अंकुर’ ‘टिनमिन’ ,

कहें , मुबारक उसे जनमदिन ।

ऐसा ही एक सपना देखा ,

बिटिया के डैडी ने एक दिन ।

उदय  शंकर  श्रीवास्तव

कटरा  बाजार , गोंडा  (उ.प्र.)

9716027886

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