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आदमी पलायन कर चूका है

Posted On: 25 May, 2016 Others में

meri awaaz - meri kavitaकहीं दब न जाए मेरी आवाज ... खामोशी के बीच

udayraj

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ये कहानी है या हकीकत
कुछ समझ में नही आता

ये झूठी है या सच्ची
कोई नहीं बता पाता

रहस्य सा लगता है
जो टूटता ही नही है

और टूटता है तो
हर टुकड़े में कहानी होती है

जिंदगी उलझ जाती है
सुलझाने में स्वयं को

शायद सच और झूठ अब मिल चुका है

आदमी से आदमी पलायन कर चूका है ।
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उदयराज

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