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जागरण जंक्शन के साथ बिताए पल ( Feedback )

Posted On: 13 Apr, 2012 Others में

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vikaskumar

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जागरण मंच के माध्यम से प्रकाशित मेरी पहली रचना ‘ शीत ऋतु ( कविता ) ‘ थी । मंच पर मैंने बहुत अधिक नहीं लिखा है किन्तु जो लिखा और बदले में जो प्रतिक्रिया मिली उसे याद कर बड़ी खुशी मिलती है । जागरण मंच अभिव्यक्ति का एक सुन्दर माध्यम है । विचारपरक लेख , कविताएँ , गजल तथा लेखन की अन्य विधाओं की प्रस्तुति करता मंच सहज प्रशंसा के योग्य है । इस मंच की विशेषता है कि बिल्कुल नए लोग भी इसके द्वारा अपने भावों की अभिव्यक्त कर सकते हैं । संचार के अन्य माध्यमों में कुछ विशेष लोग ही लिखते हैं और बाकी केवल पाठक की भूमिका निभा पाते हैं । जागरण मंच के सभी पाठक लेखक हैं और सभी लेखक पाठक । यहाँ स्थापित और गैर -स्थापित जैसी मान्यताएँ नहीं हैं । जब स्थिति ऐसी हो कि केवल प्रसिद्ध एवं स्थापित लोगों की बात पढ़ी और सुनी जाती हो तो यह जीवन के प्रति संकुचित दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है । ऐसे में कई बार नए , किन्तु महत्त्वपूर्ण विचार छूट जाते हैं ।
जागरण मंच बिना कांट-छाँट के लेखकों के विचारों को प्रस्तुत करने का साहस रखता है और पाठकों को उस पर प्रतिक्रिया देने की सुविधा प्रदान करता है । आमतौर पर यह देखा जाता है कि अखबार तथा संचार के अन्य माध्यम लेखकों की रचनाओं को विभिन्न प्रकार से संशोधित कर प्रकाशित करते हैं । इसके पीछे राजनीतिक , सामाजिक अथवा अन्य कारण हो सकते हैं । इस मामले में जागरण मंच ने लेखकों की रचनाओं को मौलिक रूप में प्रकाशित कर निर्भीकता का परिचय दिया है ।
जहाँ तक मंच को और व्यापक बनाने की बात है तो इस दिशा में एक प्रयास हो सकता है । यह प्रयास लेखकों को करना है । मंच पर लघुकथाएँ अथवा कथाएँ पढ़ने के लिए नहीं मिलती । अगर साहित्य की यह विधा भी मंच पर देखने को मिले आनंद बढ़ जाएगा । वैसे अब तक मंच से जो सुविधाएँ मिली हैं उसके लिए मैं मंच को धन्यवाद देता हूँ ।

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