blogid : 1601 postid : 113

विश्वगुरु बने भारत मेरा

Posted On: 1 Sep, 2011 Others में

ajad log Just another weblog

vikasmehta

250 Posts

637 Comments

मै चाहता हूँ विश्वगुरु बने भारत मेरा
लेकिन चारो तरफ ही चोर है गद्दार है
रौशनी कहा है यहाँ, अन्धेरा ही अँधेरा है
जिसके हाथ में मैंने दी थी अपने देश की बागडोर , वही आज मेरे देश को है लुट रहे

साल ,महीने बीतते रहे वादे हर बार होते रहे
घोटाले यहाँ होते रहे ,लोग मरते रहे यहाँ
सफ़ेद कपडे वाले बस भाषण ही देते रहे
गरीबी से लोग मरते रहे ,गोली बम से लोग
मरते रहे ,
भूखो पेट जहा सोती है जनता वहा नेता
ही एक मालामाल है
मै चाहता हूँ विश्वगुरु बने भारत मेरा
लेकिन अभी कहा माहोल है वो यहाँ,
लेकिन अभी कहा माहोल है वो
यहाँ

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग