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तुम कितनी खूबसूरत हों

Posted On: 27 Dec, 2013 Others में

रिमझिम फुहारआँखे नीर भरी ..

विनय सक्सेना

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तुम कितनी खूबसूरत हों

कभी मेरी आँखों से पूछो

पूछना कभी आइने से भी

अगर वो भी तुम्हे मिरी तरह चाहता हों 

 

तेरे सुर्खरू रुखसारों पे

हँसते लबो के किनारों पे

अपनी पलकों के सहारे टिके

उन लम्हों से पूछो जो

तुम्हे मेरी तरह चाहते हैं   

 

पूछो हवा के आँचल से

जो तुम्हे छु के अभी अभी गुजरा है

और चाहे पूछ लो बादल से

जो अभी अभी तुझे देख के भीगा है

और घूमता है गगन में बाँवरा सा

 

और तुम खुद भी जानती हों

और क्यू मै झूठ बोलू भी

तुमने मेरा दिल अख्तियार किया है

क्यू कि मिरी नजरो में

तुम कितनी खूबसूरत हों

कभी मेरी आँखों से पूछो

 

और हाँ

पूछना कभी अपने दिल से भी

क्या वो भी तुझे मेरी नजरो से देखता है

 

 

…विनय सक्सेना

कानपुर

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