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हमने दरिया बना डाला....

Posted On: 28 Dec, 2013 Others में

रिमझिम फुहारआँखे नीर भरी ..

विनय सक्सेना

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तुम अपने हाथो में

दो मुट्ठी बालू लेकर

जिंदगी की डगर पे दौड़ती थी

 

और तेरे पीछे पीछे मै

अंजलि भर पानी लेकर

 

हमने समय के सीने पर

इक दरिया बना डाला था

 ….विनय सक्सेना

कानपुर

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