blogid : 3055 postid : 57

कॆसे-कॆसे हादसे होने लगे हॆ आजकल ?

Posted On: 4 Feb, 2011 Others में

दोस्ती(Dosti)जीवन में जिसे सच्चा मित्र मिल गया-समझो सब-कुछ मिल गया.उन सभी दोस्तों के लिए जिनको ऎसा मित्र मिल गया हॆ या जो उसकी तलाश में हॆं

विनोद Vinod पाराशर Parashar

23 Posts

362 Comments

गजल
====
कॆसे-कॆसे हादसे, होने लगे हॆ आजकल
मल्लाह ही नाव को,डुबोने लगे हॆं आजकल.

जहरीली हवा हुई तो, दरखतों को दोष क्य़ों
माली खुद विष-बेल बोने लगे हॆं आजकल।

घर के पहरेदारों की मुस्तॆदी तो देखिए
चॊखट पे सिर रखकर सोने लगे हॆं आजकल।

बंद मुट्ठियों के हॊसले जानते हॆं वो
उगलियों पर हमले होने लगे हॆं आजकल।

कल तक थे जो झुके-झुके से
तनकर खडे होने लगे हॆं आजकल।
*******

Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग