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कारोनावायरस से बच्चों को डराएं नहीं बल्कि जागरूक बनाएं

Posted On: 25 Mar, 2020 Common Man Issues में

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Vinod Kumar

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नोवेल कोरोनावायरस के प्रकोप ने हर किसी को चिंता में डाल दिया है। माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। नौएडा के उदगम प्री स्कूल की चेयरपर्सन दीपा भारद्वाज सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पिछले कुछ दिनों से स्कूल बंद हैं लेकिन बच्चों को इस अवसर का फायदा उठाना चाहिए और घर में सुरक्षित रहते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित वे लोग हैं जिनके घर में बच्चे हैं। स्कूल के बंद होने पर बच्चों को घर में रखना आम तौर पर मुश्किल होता है।

 

 

 

सुश्री दीपा भारद्वाज सिंह ने कहा कि नोवेल कोरोनावायरस की वजह से स्कूल बंद हैं लेकिन बच्चों को घर में रहने को कहा जा रहा है। स्कूल बंद होने पर बच्चे चाहते हैं कि वे घर के बाहर जाकर दोस्तों के साथ मस्ती करें। उन्हें यह देखकर अजीब लग सकता है कि जब स्कूल बंद है तो उन्हें खेलने के लिए घर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है या मम्मी – पापा उन्हें लेकर घूमने के लिए बाहर नहीं जा रहे हैं। सबलोग घर में रूके हुए हैं। बच्चे अगर बाहर खेलने जाने की जिद करें और माता-पिता उन्हें बाहर जाने से मना करेंगे तो वह चिड़चिड़े हो जाएंगे। ऐसे में उनका साथ देना होगा। ऐसे में बच्चों को प्यार के साथ समझाना जरूरी है।

 

 

 

उन्होंने कहा कि बच्चों को घर से बाहर जाने से रोकने के लिए कोरोना वायरस को लेकर भय पैदा नहीं करें बल्कि उन्हें सही जानकारी दें। बच्चे को कोरोना वायरस के खतरों के बारे में आसान शब्दों में प्यार से बताएं कि वायरस कैसे फैलता है और इसके खतरे को कैसे कम कर सकते हैं जैसे कि हाथ धोते हुए उन्हें ढेर सारे बुलबुले दिखाएं। कोरोना वायरस के बारे में बच्चे को बताना जब पूरा हो जाए तो उनसे तुरंत किसी ऐसे टॉपिक पर बात शुरू कर दें जो हल्का-फुल्का हो। बच्चों के साथ ये सभी बातें मुस्कुराहट और हंसी.मजाक के साथ करनी चाहिए या जितना हो सके बातचीत को हल्का रखना चाहिए। इसके अलावा बच्चों को घर पर ही मनोरंजक गतिविधियों एवं घर पर खेले जाने वाले खेलकृकूद में व्यस्त रखें ताकि वे घर से बाहर जाने के बारे में सोचें ही नहीं। उन्हें पढ़ने के लिए वैसी किताबें दी जा सकती है जिससे उनका मनोरंजन भी हो और उनका ज्ञानवर्धन भी हो सके।

 

 

 

उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को किसी भी संक्रमित व्यक्ति के आस-पास नहीं जाने दें। खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित लोगों से उन्हें दूर रखें। इसके अलावा माता-पिता को चाहिए कि अपने घर को स्वच्छ रखें और अगर समय हो तो सुबह-शाम पूरे घर को और आसपास की जगह को कीटाणुनाशक से साफ करें। बच्चों के खिलौन भी कीटाणुनाशक से साफ करें। उनके नाखूनों को भी साफ रखें क्योंकि उसमें छिपे वायरस बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बच्चों को साबुन-पानी से लगातार हाथ धोना सिखाएं। उन्होंने उम्मीद जताई की सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से देश जल्द ही कोरोना वायरस के प्रकोप से मुक्त हो जाएगा और जल्द से जल्द देश में सबकुछ सामान्य हो जाएगा।

 

 

 

 

 

नोट : यह लेखक के निजी विचार हैं, इसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी हैं।

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