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अगर उस खत पर यकीन किया होता तो परमाणु बम से पूरे शहर की जान बच जाती, लेकिन ऐसा क्या था उस खत में...

Posted On: 28 May, 2014 Politics में

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मानवता को अन्य सभी धर्मों से बढ़कर माना जाता है लेकिन युद्ध की स्थिति में यही मानवता वीभत्स घटनाओं की शिकार होती है. तब राष्ट्रवाद इस कदर हावी होता है कि मानवता पैरों तले कुचली जाती है. विश्व के इतिहास में हिरोशिमा की घटना कौन भूल सकता है. महज प्रभाव दर्शाने और साम्यवादी रूस को डराने हेतु गिराए गए इस बम ने वर्षों तक हिरोशिमा को तबाही के दलदल में ढकेल दिया. इस विभीषिका के परिणाम आज भी इस नगर के लोग भुगत रहे हैं.


Firebombing leaflet



द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने के कगार पर था. धुरी राष्ट्र मित्र राष्ट्रों के सामने लगभग आत्मसमर्पण कर चुके थे. कुछ देश ही बचे थे जो अपनी जिद पर अड़े हुए थे जिनमें जापान भी एक था. जापान की हठधर्मिता को देखते हुए 6 अगस्त, 1945 को मित्र देशों की तरफ से अमरीका ने जापान के हिरोशिमा नगर पर एटम बम गिराए. जापान फिर भी नहीं माना तो नागासाकी पर भी एटम बम गिराए गए जिसके बाद 14 अगस्त को जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था.


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Atomic bombing

जापान पर बम गिराए जाने को लेकर अमरीका दोषी है इस बात पर किसी को शक नहीं है. कहा जाता है कि अमरीका ने अपने एटम बम का टेस्ट करने के लिए जापान को चुना था ताकि विश्व को अपनी शक्ति दिखा सके. लेकिन कम ही लोगों को पता है कि एटम बम गिराने से पहले अमरीका ने हिरोशिमा नगर में नागरिकों को चेतावनी दी थी. उन्होंने पहले हवाई जहाज से हिरोशिमा नगर में पैंपलेट गिराए थे, उसके कुछ दिन बाद ही एटम बम से हमले किए. अगर आपको जापानी भाषा आती है तो आप भी इसे पढ़िए.


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अंग्रेजी में पत्र का संस्करण


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हिंदी में पढ़ें अमेरिका द्वारा जापानी नागरिकों को संबोधित खत:


इसे ध्यान से पढ़ें क्योंकि हो सकता है ये आपकी, आपके किसी रिश्तेदार या फिर दोस्त की जान बचाने में कामयाब हो जाए. आने वाले कुछ दिनों में इस खत के पीछे लिखे चार या उससे भी अधिक शहरों पर अमेरिका द्वारा बम गिराया जाने वाला है. इन शहरों में मिलिट्री से संबंधित सामानों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियां और वर्कशॉप हैं. इस बेवजह के युद्ध को बढ़ाने के लिए जिन सैन्य उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है हम उन सभी को तबाह करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. दुर्भाग्वश बम कहां गिरेगा, किस-किस को अपने प्रभाव में लेगा यह बात कोई नहीं जानता इसलिए अमेरिका की प्रख्यात मानवीय नीतियों के तहत अमेरिकी एयरफोर्स, जो किसी बेगुनाह को अपना निशाना नहीं बनाना चाहती, आप सभी को उन शहरों को खाली करने की चेतावनी दे जा रही है.

अमेरिका, जापानियों के साथ नहीं जापान के सैन्य गुट से युद्ध करने जा रहा है, जिसने जापानियों को अपना दास बना रखा है. इस आक्रमण के जरिए अमेरिका, जापान में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि जापानी सैन्य गुट के दमन और शोषण से मुक्ति पाकर एक नए और बेहतर जापान की स्थापना कर पाएं.

आप नए और काबिल नेताओं का चयन कर जापान में शांति बहाल रख सकते हैं. हम ये आश्वासन नहीं देते कि लिखित शहर ही बम से प्रभावित होंगे, लेकिन इतना जरूर है कि उनमें से चार तो बम के प्रभाव में आएंगे ही इसलिए आप सभी इस चेतावनी पर गंभीरता से ध्यान दें और जल्द से जल्द इन शहरों को खाली कर दें.


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