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ज्ञान का भंडार होते हैं पिता ।

Posted On: 8 Jul, 2016 Others में

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writeramansingh

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हमारी भारतीय संस्कृति मे माता-पिता को सर्वप्रथम स्थान दिया जाता है। हमारे जीवन मे माता-पिता के होने का महत्व बहुत अधिक है। माता-पिता मे से बात यदि पिता कि की जाए तो पिता ईश्वर के वह मानवीय स्वरूप है जो हमे ईश्वर से वरदान के रूप मे प्राप्त है। हर कोई व्यक्ति किसी न किसी व्यक्ति के पिता व संतान अवश्य ही होते है। इसी कारण प्रत्येक संतान का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने जीवन की अंतिम श्वास तक अपने माता-पिता का ऋणी रहे । पिता के स्थान का हमारे जीवन मे बहुत अधिक महत्व है। हमारे बाल जीवन मे पिता ही वह व्यक्ति होते है जो हमारी अंगूली पकड़कर हमे स्कूल लेकर जाते हैं। पिता ही वह व्यक्ति होते है जो हमारी सभी फरमाइसो को अपने सर आँखों पर रखते है। अकसर गलती करने पर टोकने वाले पिता चाहे उपरी मन से कितना भी कठोर भाव क्यो न कर ले किन्तु अन्दर से उनके हद्रय मे हमारे प्रति प्रेम की भावना ही होती है। पिता ही वह व्यक्ति है जो कभी माँ बनकर हमे दुलार करते है तो कभी एक अच्छा दोस्त बनकर हमारी सभी समस्याओं का समाधान भी करते है । मेरे पिता अकसर मुझसे एक बात कहते है कि जब पिता और पुत्र के पैर का नाप एक हो जाएँ तब उन दोनो के बीच पिता और पुत्र के रिश्ते के साथ साथ एक दोस्त का रिश्ता भी बन जाता है। जब हम पहली बार किसी परीक्षा को देने जाने से पहले घबराते है तो वह पिता ही होते है जो यह कह के हमारा उत्साह बढ़ाते हैं कि पेपर तो बहुत ही आसान आता है। पिता ही हमारे साहस व मनोबल मे बढ़ोतरी करते है। दिन रात मेहनत करके अपनी ख्वाहिशो को दबाकर हमारी ख्वाहिशो को पूरा करने वाले पिता ही होते है। जब गलती करने पर माँ हमे डाटती है तो अभी छोटा है कहकर पिता ही हमे माँ की डाट से बचाते है। हमे उदास बैठा देखकर क्या किसी से झगड़ा हुआ ये पूछने वाले पिता ही होते है। मेरे अनुसार जिस तरह सड़क पर लगे दिशा निर्देश हमे सही राह बताते है ठीक उसी प्रकार पिता भी हमे जीवन के सही व गलत मार्ग को बताते हैं। पिता से अच्छा मार्गदर्शक कोई नही हो सकता। विश्व की प्रत्येक संतान अच्छे गुणों की प्राप्ति अपने पिता से ही करती है। पिता के पास अमूल्य ज्ञान का भंडार होता है। ईश्वरीय स्वरूप पिता का सबसे महत्वपूर्ण गुण यह है कि वह सदैव धीरज से काम लेते है। पिता ही हमारे जीवन की वह सीढ़ी है जो हमे सफलता के पथ पर अग्रसर करती है। मुझे इस बात पर गर्व है कि मेरे पिता इस दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पिता है।

अमन सिंह (सोशल एक्टिविस्ट)
बरेली (उत्तर प्रदेश)
मो.8265876348
ई.मेल. mr.amansinghji@gmail.com

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