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आह शून्य !!

Posted On: 24 Apr, 2017 Others में

V2...Value and Visionextremely CRUDE ; completely PURE

yamunapathak

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1) सपने

बहुत स्पष्ट होते हैं
साफ़ पानी की तरह
सपने निर्मल आँखों के
पलता है वक़्त उन सपनों में
शान्ति और प्रतीक्षा से
नहीं बनते अजीबोगरीब नक़्शे
जैसे सर्दियों में दर्पण पर
छोड़ी गई साँसों से उभरते हैं
नहीं होती कोई उथल पुथल
होती है गहरी नींद
शांत …बिलकुल शांत
सपने तैरते रहते हैं बंद पलकों में
मानो शांत गहरी झील में तैरते हंस .
बहुत सुन्दर होते हैं
निश्छल आँखों के सपने .

2) आह शून्य !!!

आह शून्य !!!
बाह्य रूप में हो
सम्पूर्ण…पूर्णतः गोल
अंदरूनी रूप में
तुम्हारा मूल्य कुछ भी नहीं
कैसे सहते हो
अपने ही विरोधाभास की पीड़ा ??

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