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"इट्स टाइम फॉर ब्रेक" (ज़िन्दगी यहाँ भी है)

Posted On: 26 Mar, 2012 Others में

V2...Value and Visionextremely CRUDE ; completely PURE

yamunapathak

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‘इट्स टाइम फॉर ब्रेक’ या फिर ”हम बस कुछ ही मिनटों में वापस आते हैं’ यह वाक्य आपने T .V के कार्यक्रम देखते वक्त हमेशा सुना होगा.दरअसल यह वक्त विज्ञापन के प्रसारण का होता है .इस आवाज़ को हममें से अधिकाँश लोग नज़रंदाज़ कर देते हैं और अपने छोटे-मोटे कार्य निबटाने के लिए इस ब्रेक टाइम को ही सर्वाधिक उपयुक्त वक्त मान लेते हैं;मसलन पुरुष वर्ग अपने मोबाइल पर किसी ज़रूरी कॉल में व्यस्त हो जाते हैं ;बच्चे अपने गृहकार्य के अधूरे अंश को पूरा करना ज़रूरी समझते हैं और महिलाएं बहुधा रसोई में किसी बड़े कार्य के सुक्ष्म भाग को पूरा करने की भरपूर कोशिश में जुट जाती हैं; हालांकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह बिलकुल भी उचित नहीं होता है.खैर ;यहाँ मेरा उद्देश्य आज सुरक्षा पर ध्यानाकर्षित कराना नहीं है बल्कि आप सब को विज्ञापन की दुनिया की सैर करना है जहां जल्दबाजी में ही सही पर फिर भी हम कुछ बहुत सुन्दर बातें सीख जाते है इस लेख के माध्यम से मैं यह सन्देश नहीं दे रही कि आप विज्ञापन को नित्य देखिये. बस, यह बताना चाहती हूँ कि विज्ञापन किस तरह अच्छे सन्देश से भी जुड़े होते हैं .सबसे ध्यानाकर्षित करता हुआ जागरण का उदीयमान सूर्य इस बात का पुख्ता सबूत है कि ये विभिन्न संस्था,उत्पाद या योजना के लोगो और विज्ञापन समाज को एक नयी सोच,एक नयी राह और नया आयाम भी देते हैं.

दोस्तों ,आप में से कुछ लोगों ने अगर गौर किया होगा तो यह अवश्य ही पाया होगा कि कुछेक विज्ञापनों को छोड़कर लगभग अधिकाँश विज्ञापन अपने उत्पाद के प्रचार के साथ-साथ समाज को अत्यंत खुबसूरत सन्देश भी दे जाते हैं .जैसे——————

1)--‘बच्चों के मनोविज्ञान को समझकर उसके अनुकूल व्यवहार करने का’ सन्देश देता nestle का मधुर संगीत (चन्दा है तू मेरा सूरज है तू ) सुनाता विज्ञापन,

2)–DEW शीतल पेय का सन्देश ‘डर को जितना छोटा समझो उतना ही अच्छा है’ बाधाओं से निर्भयता पूर्वक लड़ने का सन्देश देता है.

3)–‘सही जगह पर और आस-पास के वातावरण को ध्यान में रखकर सही कार्य करने का’ सन्देश देता DOCOMO का विज्ञापन जहां युवक समय व्यतीत करने के लिए दीवार पर लिखी इबारतें पढ़ते ही महिला की मार का सामना करता है,

4)--‘समस्या की जड़ तक जाने का सन्देश देता’ LOREAL shampoo का विज्ञापन

5)–‘मुसीबत में फंसे दोस्त की समस्या सुन धैर्यपूर्ण हो उसकी मदद‘ के लिए SMS करते हुए एयरटेल मनी का विज्ञापन
6–सर्व शिक्षा अभियान का मधुर गीत ‘सावन सा बरसे हम,सूरज सा चमके हम’ शिक्षा ग्रहण करते हुए प्रकृति के साथ अपनी स्वाभाविकता से बढ़ने का सन्देश देता है .
7)– BRU coffee का tag लाइन ‘जियो ज़िन्दगी जी भर के’अपनी सम्पूर्णता के साथ जीने का सन्देश देता है.
8)–सपने देखने का licence है? इस प्रश्न के माध्यम से भविष्य के लिए बचत की ही नहीं बल्कि हकीकत की ज़मीं पर पाँव जमाने का सन्देश देता ICICI PRUDENTIAL लाइफ insurance का विज्ञापन.
9)–एकता का सन्देश देता NEROLAC PAINT का tag लाइन’वक्त आ गया है मिलकर दुनिया को बदलने का’
10 ) बिरला सन लाइफ का ‘कौवा और घडा’ की बाल कहानी के नैतिक सन्देश ‘प्रयास मत छोडो’ को नए सन्देश के कलेवर में लाता विज्ञापन ‘try a smarter way to save regularly’

ऐसे मूल्यपरक सन्देश देते विज्ञापनों की लम्बी फेहरिश्त है .विज्ञापन की इस विशाल दुनिया में एक सन्देश जो अपने मधुर,झंकृत आवाज़ के साथ मेरे ज़ेहन में रच बस गया है या यूँ कहिये; मुझे टी.वी स्क्रीन के सामने से उठने नहीं देता या फिर कहीं भी मैं रहूँ ;मुझे बरबस अपनी तरफ एक चुम्बकीय आकर्षण से खींच लेता है ;वह है ACC CEMENT का विज्ञापन “सदा अटूट रहो”

अब आप अवश्य सोच रहे होंगे कि इस सन्देश में ऐसी क्या विशेष बात है !तो दोस्तों, इसे मैं अपनी कविता के माध्यम से आपको बताना चाहती हूँ …………….SDC13456

‘सदा अटूट रहो’ के सन्देश में,कितनी खूबसूरती से  समाई

हर रिश्ते की परिभाषा और, पारिवारिक मूल्यों की गहराई ..

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मूल्यों के सागर मंथन से निकले, रत्नों की है इसमें रोशनाई

सुदृढ़ सृजन करने के संग-संग, रिश्तों में भी मिठास जगाई

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तीन शब्द महज़ लब्ज़ नहीं ,ये देते रिश्तों को असीम ऊँचाई

ऐसी मूल्यों की सम्पति ने ही, इस विज्ञापन में है रूचि जगाई

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मकान को घर का रूप देने में ,इसने अहम् भूमिका निभाई

इस सुन्दर सन्देश ने घरों में, रिश्तों की डोर मजबूत बनाई

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पारिवारिक प्यार में उन्नति संभव, मन में यह आस जगाई

अपने बेहतरीन कार्य मूल्यों से, एक अमिट पहचान बनाई…

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यंत्रों के कल-पुर्जों के मध्य ही, भावों की भी है दरिया बहाई

मानव और मशीन के संयोजन में, मूल्यों को महत्ता दिलाई

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अटूट बंधन के पुष्पों से ACC ने, पारिवारिक बगिया महकाई

स्वयं अटूट रहकर रिश्तों को भी ,है अटूट रहने की राह दिखाई …

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इन तीन जादुई शब्दों से ज़िन्दगी, फिर ज़िन्दगी के करीब आई

हाशिये पर पड़े दम तोड़ते रिश्तों में,फिर से है चेतना लौट आई…

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जीवन किताब के जिन पृष्ठों पर, जहाँ थी कभी धूल जम आयी

पृष्ठ दर पृष्ठ फिर पढी गयी आज,शब्द दर शब्द दिल में समायी ..

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