blogid : 9545 postid : 1388174

' बड़ा विज्ञापन वही है जो बड़ा विक्रय उत्पन्न कर सके '

Posted On: 26 Nov, 2018 Others में

V2...Value and Visionextremely CRUDE ; completely PURE

yamunapathak

256 Posts

3041 Comments

लिरिल साबुन की ला ला ला … हमारा बजाज का अपनापन … सर्फ की धुलाई के लाभ बताती ललिता जी…एम आर एफ मसल मैन … चेरी बलासम … कामसूत्र … ये वे बेहतरीन विज्ञापन हैं जो आज भी ज़ेहन में बसे हुए हैं ।नहीं रहे तो इन विज्ञापनों के सृजनकर्ता मशहूर विज्ञापन गुरु एलेक पदमसी ।वे विज्ञापन गुरु ,एक फिल्म निर्माता और थियेटर की मशहूर हस्ती थे ।

5 मार्च 1928 को कच्छ गुजरात में एक पारम्परिक मुस्लिम परिवार में जन्मे एलेक्स ने 17 नवम्बर 2018 को अंतिम सांस ली और सदा के लिए चले गए।इनके पूर्वज घुमंतू चारण और दरबारी संगीतकार थे ।दादाजी भावनगर जिले के वाघनगर गाँव के सरपंच थे ।एक बार अकाल के दौरान पूरे अनाज गाँव में बांट दिए। उन्होंने ये नाम कमाया जो पद्मश्री का अपभ्रंश था ।

 

एलेक्स 8 भाई बहन थे ।पिता व्यवसायी थे ।परिवार समृद्ध था पर बहुत शिक्षित नहीं था ।उन्हे सेण्ट जेवियर कॉलेज मुम्बई पढाई के लिए भेजा गया ।विज्ञापन एजेंसी लिंटास इण्डिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में में 14 वर्ष तक 1980 – 1994 तक 100 से अधिक उत्पादों के प्रभावकारी विज्ञापन दिए ।वे एकमात्र भारतीय है जिन्हें इंटरनेशनल clio हाॅल ऑफ फेम द ऑस्कर ऑफ एडवरटाइजिंग मिला । रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गाॅधी में उन्होंने जिन्ना की भूमिका की थी ।अंग्रेजी रंगमंच के लिए 70 नाटक लिखे ।करमचंद जासूस उनकी ही कल्पना थी।

ए डबल लाइफ विज्ञापन दुनिया पर लिखी उनकी आत्मकथा है जो बेस्ट सेलर बुक में शुमार है ।वे लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ काॅरपोरेट ट्रेनिंग के चेयरमैन भी रहे जो जो नए विचारों और नेतृत्व का प्रशिक्षण देता है । इण्डियन इंस्टीट्यूट मुम्बई की गोल्डन जुबली पर उनके विचार बहुत ही प्रखर रहे थे ।उन्होंने आतंकवाद पर फतवा , विवाह संस्था के लाइसेंस, घूसखोरी ,भेदभाव ,नारी उत्पीड़न, दहेज प्रथा जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे।

उन्होंने teleportation को दुनिया बदलने की दिशा में सबसे बड़ी तकनीक उपलब्धि माना। जिस तरह दूरसंचार विधि से सामान एक स्थान से दूसरे भेजे जाते हैं उसी तरह इंसान को भेजना संभव हो तो कोई प्रदूषण न हो और लाभ उठाया जा सकता है । विज्ञापन के विषय में उनके विचार थे ‘ एक बड़ा विज्ञापन वही है जो बड़ा विक्रय उत्पन्न कर सके । हमारे उत्पाद में कौन सी बात हो जो उसे अनोखा बनाती है यह विज्ञापन में अवश्य होना चाहिए ।’फेयर और हैंडसम ‘ क्रीम के उत्पाद का शोध बहुत ही मजेदार था ।जो एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने प्रिया कानूनगो को बताया ।वे FGD यानि focus group discussion को सही मानते थे ।हर उत्पाद के विज्ञापन बनाने के बाद वे रिव्यू मीटिंग करते थे ।उस दौरान उनके कई सहयोगियों ने यह बात बताई कि वे अपनी बहन या माँ के द्वारा प्रयोग की जाने वाली फेयर एंड लवली क्रीम लगा लेते हैं ।उन्होंने एक युवा कर्मचारी को एक कमरे में बिठाया जहाँ एक आईना रखा था ताकि आने जाने वाला कोई भी उस आईने में देख सके और उस युवा को दिन भर यह गिनती रखनी थी कि कितने पुरूषों ने आईने के सामने गुज़रते हुए समय खुद को जरूर देखा ।परिणाम यह कि 80% पुरूषों ने ऐसा किया ।1970 में फेयर एंड लवली क्रीम के बाद 2005 में फेयर एंड हैंडसम क्रीम बनाया । उनका कहना था कि यह सच है कि उनके विज्ञापन के किरदारों ने कोई अवार्ड नहीं पाया चाहे वह सर्फ की ललिता हो या चेरी ब्लाॅसम का चार्ली पर ये ऐसे किरदार बने जो आम जन की यादोँ में हमेशा के लिए बस गए ।

एलेक एक गुजराती परिवार के थे और उनका कहना था गुजराती हिसाब किताब में बहुत पक्के होते हैं ।उनकी माँ अक्सर कहती हिसाब किताब दुरूस्त रखो ।ललिता का किरदार माँ को देखकर ही आया था ।वे कहते थें कि आप अपनी याददाश्त पर विश्वास नहीं कर सकते हैं ।इसलिए एक पाॅकेट डायरी जरूर रखते थे जिसमें सबसे पीछे के पन्ने पीले रंग के होते थे और उन पन्नो में वे नए विचार आइडिया लिख कर रख लेते थे ।बीच के पन्ने नीले रंग के होते थे जिनमें अत्यावश्यक बातें लिख कर रखते थे आगे के पन्ने सफेद रंग के होते थे और उन पन्नों में अन्य सभी बातें जो उनके कार्य से सम्बन्धित होती थी वह लिखकर रखते थे।

उन्होंने तीन विवाह किए थे ।युवाओं से उनका कहना था अगर वे किसी अजनबी के साथ यौन सम्बन्ध बनाना पसंद नहीं कर सकते तो अरेंज्ड मैरेज कैसे करने को सहमत हो जाते हैं ।उनके अनुसार विवाह भी बढता और परिपक्व होता रहता है । पाॅच साल तक के लिए लाइसेंस होना चाहिए ।अगर इस अवधि के बाद विवाह बंधन में रहना चाहते हैं तो उचित नहीं तो अलग हो सकते हैं ।यानि हर पांच साल में बाद इस समबन्ध का रिनयूवल होता रहे । उनका मानना था कि जीवन के प्रति मोहब्बत में पड़ो तो कभी बोरियत नहीं होगी ।उन्हे नियमित व्यायाम की आदत नहीं थी वे अपने नियमित कार्य को ही व्यायाम मानते थे।

जब वे chief executive officer बने तो उन्होंने executive की जगह खुद को chief stimulation officer कहा क्यो कि उनका मानना था वे सृजनकर्ता है न कि क्रियान्वन करने वाले अधिकारी ।वे अपने ऑफिस में आधे घण्टे हल्के गपशप के लिए रखते थे 9:30 प्रार्थना 10 बजे एक दूसरे से बातचीत और फिर काम पर लग जाना ।ideation के लिए इससे सरल कोई उपाय नहीं ।काम के लिए बहुत सारा होम वर्क को वे अनिवार्य मानते थे ।यह उस विशेष काम के लिए आवश्यक आत्मविश्वास की पहली शर्त है ।वे एक सीधी रेखा में सोचने को नहीं बल्कि सभी दिशाओं आड़े तिरछे सोच को वरीयता देते थे ।नए विचारों के लिए यह जरूरी है ।नए विचारों के खान थे ।अधिकांश नए विचार आइडिया उन्हें स्नान के साथ ही याद आते थे इसलिए वे स्नान के दौरान टेप रिकॉर्ड रखते थे ताकि नए विचारों को रिकॉर्ड कर लें ।

थियेटर में उनका मानना था किरदार को महसूस करने के साथ ही नाटक सफल हो पाता है ।पहला नाटक मर्चेंट ऑफ़ वेनिस अपने बड़े भाई के थियेटर के लिए किया था तब वे मात्र सात साल के थे ।एविटा जीसस क्राइस्ट सुपरस्टार ब्रोकन इमेज थियेटर की दुनिया में अनमोल योगदान है ।उन्हे संगीत नाटक अकादमी के द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया ।जनवरी 2018 में टैगोर रत्न सम्मान दिया गया ।उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू के communication advisor के रूप में 2001 – 2003 तक काम किया ।उन्हे PM ‘s AIDS TASK FORCE के लिए भी नियुक्त किया गया ।
धर्म के समबन्ध में उनका मानना था कि ईश्वर की प्रार्थना के लिए उन्हे किसी भी सेतु की जरूरत नहीं है ।ईश्वर माँ है और हम सब उनकी संतान ।जिन्दगी खूबसूरत तस्वीरों से भरी हुई है ।समाज को वापस दो यह उनका मूल मंत्र था ।
चंद सेकेण्ड में असरदार ढंग से कह जाना और उस कहे का मशहूर हो जाना यह एलेक का खास हुनर था। एक ज़िंदादिल शख्सियत विज्ञापन गुरु को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि ।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग