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रिक्त स्थान

Posted On: 17 Apr, 2012 Others में

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yogi sarswat

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गाँव से लेकर शहर तक
बस में , ट्रेन में
नौकरी और पढाई में
बस भीड़ भारी है |


छोटे – ऊंचे
काले -गोरे
हिन्दू -मुस्लिम
सब कतार में हैं
बस जगह मिल जाये ||


मैं भी चला आया
बढ़ चला उधर
जिधर
कतार चली |


कभी स्कूल में भरता था
या अखबार में देखता था
आज उसी रिक्त स्थान में
स्वयं को भरने
कतार में खड़ा हूँ मैं !!

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